शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026
राष्ट्रीय

टोल पर “10 सेकंड वाला नियम” अब लागू नहीं है — इंटरनेट पर जो लिखा है वह पुराना है

2021 में NHAI ने नियम बनाया था कि कतार 100 मीटर से लंबी हो तो गाड़ियाँ बिना टोल दिए निकाली जाएँ। रिपोर्टों के अनुसार वह प्रावधान बाद में हटा दिया गया — लेकिन इंटरनेट पर आज भी वही बात लिखी है। असली स्थिति क्या है और शिकायत कहाँ करें।

टोल प्लाज़ा पर 10 सेकंड वाला नियम अब लागू नहीं है — असली स्थिति — वार्तालाप

टोल प्लाज़ा पर लंबी कतार में खड़े होकर लगभग हर किसी के मन में यह सवाल आता है — “सुना है 10 सेकंड से ज़्यादा रुकना पड़े तो टोल नहीं देना पड़ता, क्या यह सच है?”

इसका जवाब वह नहीं है जो इंटरनेट पर लिखा मिलता है। और यह फर्क जान लेना ज़रूरी है, वरना टोल पर बेवजह बहस हो सकती है।

पहले — नियम था क्या

मई 2021 में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दिशानिर्देश जारी किए थे। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार उनमें कहा गया था:

  • व्यस्त समय में भी प्रति वाहन सेवा समय 10 सेकंड से ज़्यादा न हो
  • किसी लेन में कतार 100 मीटर से लंबी न हो
  • अगर कतार 100 मीटर से लंबी हो जाए, तो गाड़ियाँ बिना टोल दिए निकाली जाएँ जब तक कतार 100 मीटर के भीतर न आ जाए
  • इसके लिए हर लेन में टोल बूथ से 100 मीटर पर पीली लाइन लगाई जाए

यही वह नियम है जिसे लोग “10 सेकंड वाला नियम” या “100 मीटर वाला नियम” कहते हैं। 2021 में यह वाकई जारी हुआ था — यह अफवाह नहीं थी।

अब असली बात

विधि और उद्योग रिपोर्टों के अनुसार NHAI ने यह प्रावधान बाद में वापस ले लिया

कारण बताया गया कि इस नियम का पालन ज़मीन पर हो ही नहीं रहा था, और यह संसद में भी सवालों के घेरे में आया। रिपोर्टों के अनुसार इसकी जगह NHAI ने 100 ऐसे टोल प्लाज़ा पर लाइव मॉनिटरिंग शुरू की, जहाँ प्रतीक्षा समय पाँच मिनट से ज़्यादा पाया गया — ताकि लंबी कतार पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

यानी अब ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो आपको कतार लंबी होने पर टोल न देने का हक देता हो।

फिर इंटरनेट पर वह क्यों लिखा है

क्योंकि 2021 में यह खबर बहुत फैली थी, और दर्जनों वेबसाइटों ने उसे लिख दिया। नियम हटने की खबर उतनी नहीं फैली, और वे पन्ने कभी अपडेट नहीं हुए।

आज भी कई बड़ी वेबसाइटें — जिनमें भुगतान कंपनियों और कानूनी जानकारी वाली साइटें भी शामिल हैं — 2026 की तारीख डालकर वही पुरानी बात दोहरा रही हैं।

यही इस लेख की सबसे ज़रूरी बात है: किसी वेबसाइट पर 2026 लिखा होने का मतलब यह नहीं कि जानकारी 2026 की है।

तो टोल पर बहस मत कीजिए

अगर आप यह मानकर टोल देने से मना करते हैं कि “नियम के हिसाब से मुझे नहीं देना”, तो:

  • टोल कर्मचारी आपकी बात नहीं मानेगा, क्योंकि उसके पास वैसा कोई निर्देश नहीं है
  • बहस बढ़ सकती है, और पीछे कतार और लंबी हो जाएगी
  • टोल न देने पर जुर्माने का प्रावधान है — बकाया टोल के साथ अतिरिक्त राशि

टोल भर दीजिए, और शिकायत अलग से कीजिए। यही व्यावहारिक और सही रास्ता है।

लंबी कतार पर शिकायत कहाँ करें

शिकायत का रास्ता बंद नहीं हुआ है — सिर्फ “मुफ्त निकल जाने” वाला प्रावधान हटा है।

  1. NHAI की हेल्पलाइन — नंबर टोल प्लाज़ा पर बड़े बोर्ड पर लिखा होता है, और nhai.gov.in पर भी मिलता है
  2. NHAI का आधिकारिक मोबाइल ऐप — इसमें टोल प्लाज़ा से जुड़ी शिकायत दर्ज करने की सुविधा है
  3. सबूत रखिए — कतार की फोटो या वीडियो, समय के साथ। शिकायत में यही सबसे काम आता है
  4. टोल की रसीद संभालिए — उस पर प्लाज़ा का नाम और समय होता है

NHAI अब उन्हीं प्लाज़ा पर निगरानी बढ़ा रहा है जहाँ से शिकायतें ज़्यादा आती हैं। यानी आपकी शिकायत बेकार नहीं जाती — वही आँकड़ा बनता है।

जो चीज़ें सच में लागू हैं

  • FASTag अनिवार्य है — बिना FASTag या खाली FASTag पर दोगुना टोल लगता है
  • एक वाहन, एक FASTag — FASTag गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ा होता है। एक ही FASTag कई गाड़ियों में इस्तेमाल करने पर जुर्माना
  • KYC पूरी रखिए — अधूरी KYC वाले FASTag ब्लैकलिस्ट हो जाते हैं, और फिर टोल पर वहीं अटकना पड़ता है
  • बैलेंस देखकर निकलिए — यह सबसे आम वजह है जिससे लोग टोल पर फँसते हैं

आगे क्या बदल रहा है

सड़क परिवहन मंत्री के संसद में दिए बयान के अनुसार सरकार उपग्रह आधारित टोल प्रणाली की ओर बढ़ रही है, जिसमें नंबर प्लेट पहचान और AI का इस्तेमाल होगा और टोल पर रुकना ही नहीं पड़ेगा

यानी लंबी कतार की समस्या का हल “मुफ्त निकलने” के नियम से नहीं, बल्कि तकनीक से निकालने की कोशिश हो रही है। यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से आ रही है।

एक चेतावनी

FASTag रिचार्ज और टोल के नाम पर ठगी बहुत बढ़ी है।

  • रिचार्ज सिर्फ अपने बैंक या अधिकृत ऐप से कीजिए
  • SMS या व्हाट्सएप पर आए “FASTag ब्लॉक हो गया, यहाँ क्लिक करें” वाले लिंक फर्जी होते हैं
  • किसी को अपना OTP या कार्ड की जानकारी मत दीजिए
  • ठगी हो जाए तो तुरंत 1930पूरी प्रक्रिया यहाँ

और चालान से जुड़ा एक और सवाल जो अकसर पूछा जाता है — मोबाइल से फोटो खींचकर काटा गया चालान वैध है या नहीं


स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB) — NHAI के मई 2021 के दिशानिर्देशों संबंधी विज्ञप्ति; प्रावधान वापस लिए जाने एवं लाइव मॉनिटरिंग संबंधी जानकारी विधि तथा अवसंरचना क्षेत्र की रिपोर्टिंग पर आधारित; उपग्रह आधारित टोल प्रणाली संबंधी बयान — सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री का राज्यसभा में उत्तर, समाचार रिपोर्टिंग के अनुसार।

टोल संबंधी नियम और NHAI के दिशानिर्देश समय-समय पर बदलते रहते हैं, और अलग-अलग प्लाज़ा पर व्यवस्था अलग हो सकती है। ताज़ा स्थिति के लिए nhai.gov.in देखें। यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। कोई त्रुटि दिखे या नियम बदल गया हो तो हमें vartalaapnews@gmail.com पर ज़रूर बताएँ — हम तुरंत सुधार करेंगे।

निखिल कालिया

निखिल कालिया वार्तालाप के संपादक और प्रकाशक हैं। वे 2016 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और जालंधर से पंजाब की स्थानीय खबरें कवर करते हैं — लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, चंडीगढ़ और पूरा राज्य। खबर, सुझाव या शिकायत के लिए संपर्क करें: vartalaapnews@gmail.com

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