शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026
राष्ट्रीय

पहली नौकरी पर ₹15,000 — पर इसके लिए कोई आवेदन नहीं करना होता

PM विकसित भारत रोज़गार योजना में पहली नौकरी वालों को ₹15,000 तक मिलते हैं। पर इसके लिए कोई फॉर्म नहीं भरना होता — यह EPFO के रिकॉर्ड से अपने आप तय होता है। असली शर्तें क्या हैं और "पहली नौकरी" का मतलब क्या है।

PM विकसित भारत रोज़गार योजना: पहली नौकरी पर ₹15,000 — पात्रता और शर्तें — वार्तालाप

PM विकसित भारत रोज़गार योजना (PM-VBRY) के बारे में इंटरनेट पर सबसे ज़्यादा दो बातें गलत लिखी मिलती हैं। पहले वही साफ कर लेते हैं।

गलतफहमी 1: “यहाँ आवेदन करें”

दर्जनों वेबसाइटें “अभी आवेदन करें”, “फॉर्म भरें”, “रजिस्ट्रेशन लिंक” लिखकर बैठी हैं।

कर्मचारी को कोई अलग आवेदन नहीं करना होता।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार पात्रता और सत्यापन EPFO के रिकॉर्ड और नियोक्ता (employer) की फाइलिंग से अपने आप तय होते हैं। आपका काम सिर्फ यह है कि आपका UAN और आधार सही ढंग से जुड़े हों।

तो अगर कोई “फॉर्म भरवाने” के पैसे माँगे — वह ठगी है।

गलतफहमी 2: “पहली नौकरी” का मतलब

लोग समझते हैं कि इस कंपनी में पहली नौकरी है तो पात्र हैं। ऐसा नहीं है।

“पहली बार” का मतलब है — आप कभी भी EPFO के सदस्य नहीं रहे, न किसी छूट प्राप्त भविष्य निधि ट्रस्ट के, 1 अगस्त 2025 से पहले

यानी अगर आपने पहले कहीं भी — चाहे थोड़े समय के लिए — ऐसी नौकरी की है जिसमें PF कटता था, तो आप “first timer” नहीं हैं। आप री-जॉइनर माने जाएँगे।

यह एक बात बहुत से लोगों की उम्मीद तोड़ती है, इसलिए पहले ही जान लेना बेहतर है।

असली शर्तें (Part A — पहली नौकरी वालों के लिए)

शर्त विवरण
EPFO सदस्यता 1 अगस्त 2025 से पहले कभी नहीं
नौकरी कब जॉइन की 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच
मासिक वेतन जॉइन करते समय ₹1 लाख तक
UAN आधार से प्रमाणित, UMANG ऐप पर Face Authentication से बना हुआ
पहली किस्त के लिए कम से कम 6 महीने की लगातार नौकरी

वेतन सीमा ₹1 लाख है, ₹15,000 नहीं। बहुत से लोग यह मानकर जाँचते ही नहीं कि “मेरी सैलरी ज़्यादा है”। ₹1 लाख तक कमाने वाले भी पात्र हैं।

पैसा कितना और कैसे मिलता है

श्रम मंत्रालय के बयान के अनुसार पहली बार EPFO से जुड़ने वालों को एक महीने का EPF वेतन, अधिकतम ₹15,000, दो किस्तों में दिया जाता है।

भुगतान DBT से सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में आता है।

दूसरी किस्त — यह हिस्सा ध्यान से पढ़िए

दूसरी किस्त की पात्रता इस पर निर्भर बताई गई है कि जॉइनिंग की तारीख से 18 महीने के भीतर 12 ECR (मासिक PF रिटर्न) फाइल हुए हों।

और एक अहम बात: दूसरी किस्त का एक हिस्सा सीधे हाथ में नहीं आता — वह एक बचत योजना या जमा खाते में डाला जाता है, जो एक तय अवधि के बाद निकाला जा सकता है।

इस बचत योजना का प्रकार और लॉक-इन अवधि से जुड़ा पूरा ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। अपनी स्थिति के लिए आधिकारिक पोर्टल या हेल्पलाइन से पुष्टि कर लीजिए।

आपको असल में क्या करना है

आवेदन नहीं, पर ये चार काम ज़रूरी हैं — और यहीं ज़्यादातर लोग अटकते हैं:

  1. UAN चालू कीजिए — UMANG ऐप डाउनलोड करके, Face Authentication के ज़रिए। यही तरीका माँगा गया है।
  2. आधार को UAN से जोड़िए और नाम-जन्मतिथि दोनों जगह एक जैसे रखिए
  3. बैंक खाता आधार से seeded होना चाहिए — सिर्फ “आधार लिंक” काफी नहीं, NPCI में seeding होनी चाहिए। बैंक में जाकर यही पूछिए।
  4. नियोक्ता से पुष्टि कीजिए कि आपका ECR समय पर फाइल हो रहा है

तीसरा बिंदु सबसे ज़्यादा नुकसान करता है। DBT का पैसा तभी पहुँचता है जब खाता आधार से seed हो — यही वजह ज़्यादातर मामलों में होती है जब “पात्र हूँ पर पैसा नहीं आया”।

आधार में नाम या जन्मतिथि गलत हो तो पहले वह सुधारिए

आधिकारिक पता और हेल्पलाइन

पोर्टल pmvbry.epfindia.gov.in
हेल्पलाइन 14480
टोल फ्री 1800-180-1850
विभाग श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय, EPFO के माध्यम से

ध्यान दीजिए: इंटरनेट पर मिलते-जुलते नाम वाली कई वेबसाइटें हैं जो खुद को आधिकारिक जैसा दिखाती हैं। असली पता epfindia.gov.in के अंतर्गत ही आता है — बाकी सब निजी हैं।

नौकरी बदल लें तो

अगर आप दूसरी नौकरी में चले जाते हैं और नया नियोक्ता उसी UAN पर ECR फाइल करता रहता है, तो निरंतरता बनी रह सकती है।

इसलिए नौकरी बदलते समय नया UAN मत बनवाइए — पुराना ही आगे बढ़ाइए। एक व्यक्ति का एक ही UAN होना चाहिए। यह गलती नए कर्मचारी अकसर करते हैं।

अपने मामले में क्या होगा, यह हेल्पलाइन से पूछ लीजिए।

नियोक्ताओं के लिए (Part B)

योजना का दूसरा हिस्सा नियोक्ताओं के लिए है, जो अपने पिछले साल के आधार (baseline) से ज़्यादा नए कर्मचारी रखते हैं। विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष ध्यान है।

मौजूदा प्रतिष्ठानों के लिए baseline तय करने हेतु पुराने ECR समय पर जमा कराने ज़रूरी बताए गए हैं — फाइलिंग में चूक होने पर उस अवधि का लाभ जा सकता है। कारोबार चलाते हैं तो अपने CA या EPFO कार्यालय से मौजूदा समयसीमा ज़रूर पुष्टि कर लीजिए।

एक चेतावनी

  • कोई फीस नहीं लगती — किसी एजेंट को पैसे मत दीजिए
  • “रजिस्ट्रेशन” के नाम पर आए लिंक पर आधार या OTP मत डालिए
  • अपना UAN पासवर्ड किसी को न बताइए
  • ठगी हो जाए तो 1930पहला घंटा सबसे कीमती है

स्रोत: श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय के बयान संबंधी समाचार रिपोर्टिंग; कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का PM-VBRY पोर्टल; मध्य प्रदेश श्रम विभाग द्वारा जारी जानकारी संबंधी रिपोर्टिंग; योजना दिशानिर्देशों पर आधारित सार्वजनिक व्याख्याएँ।

योजना की शर्तें, समयसीमा और दूसरी किस्त से जुड़े नियम बदल सकते हैं, और कुछ ब्योरे अभी पूरी तरह अधिसूचित नहीं हुए हैं। अपनी पात्रता और स्थिति के लिए pmvbry.epfindia.gov.in देखें या हेल्पलाइन 14480 पर पुष्टि करें। यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं। कोई त्रुटि दिखे तो vartalaapnews@gmail.com पर बताएँ।

निखिल कालिया

निखिल कालिया वार्तालाप के संपादक और प्रकाशक हैं। वे 2016 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और जालंधर से पंजाब की स्थानीय खबरें कवर करते हैं — लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, चंडीगढ़ और पूरा राज्य। खबर, सुझाव या शिकायत के लिए संपर्क करें: vartalaapnews@gmail.com

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