पंजाब में SIR की अंतिम मतदाता सूची 12 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित हो रही है। इससे पहले प्रकाशित ड्राफ्ट सूची में पंजाब के 20 लाख से ज़्यादा मतदाता शामिल नहीं थे — कुल 2.14 करोड़ का लगभग 9.63 प्रतिशत।
यानी कल लाखों लोगों को पता चलेगा कि उनका नाम सूची में नहीं है।
और यहीं सबसे बड़ी गलतफहमी फैली हुई है। बहुत जगह लिखा जा रहा है कि “दावे की तारीख 12 सितंबर को निकल गई, अब कुछ नहीं हो सकता।” यह गलत है। अंतिम सूची के बाद भी दो अलग-अलग रास्ते खुले हैं — और ज़्यादातर लोग पहले वाले को जानते ही नहीं।
पहले यह कीजिए — नाम जाँचिए
अंतिम सूची इन जगहों पर देखी जा सकती है:
- मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब —
ceopunjab.gov.in(विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से PDF) - भारत निर्वाचन आयोग —
voters.eci.gov.inपर “Search in Electoral Roll” — नाम से, EPIC नंबर से, या मोबाइल नंबर से - ECINet मोबाइल ऐप
- अपने BLO के पास या ज़िले के Voter Centre पर
- मतदाता हेल्पलाइन 1950 — अपने इलाके का STD कोड लगाकर
घर के हर बालिग सदस्य का नाम देखिए। सिर्फ अपना नहीं। खासकर उनका जो बाहर रहते हैं, बुज़ुर्ग हैं, या हाल में ब्याह कर आए हैं।
नाम नहीं है तो — दो रास्ते हैं
यह फर्क समझना ज़रूरी है, क्योंकि दोनों का काम अलग है:
| अपील | Form 6 | |
|---|---|---|
| कब काम आती है | नाम हटाया गया — ERO ने आदेश पारित किया | नाम जुड़वाना है — पहले से नहीं था, या छूट गया |
| किसके पास | ज़िला निर्वाचन अधिकारी / ज़िला मजिस्ट्रेट (DEO/DM) | निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) — ऑनलाइन या BLO के ज़रिए |
| समय-सीमा | 15 दिन — आदेश की तारीख से | कोई समय-सीमा नहीं |
| कानूनी आधार | जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24(क) | निरंतर अद्यतनीकरण (Continuous Updation) |
| फीस | कोई नहीं | कोई नहीं |
रास्ता 1 — अपील, 15 दिन के भीतर
अगर आपका नाम सूची में था और अब हटा दिया गया है, तो यह ERO का एक आदेश है। और हर आदेश के खिलाफ अपील होती है।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24(क) के तहत यह अपील ज़िला मजिस्ट्रेट / ज़िला निर्वाचन अधिकारी के पास जाती है। चुनाव आयोग के SIR संबंधी आधिकारिक FAQ में साफ लिखा है — अंतिम सूची में नाम न मिलने पर आवेदक 15 दिन के भीतर ज़िला निर्वाचन अधिकारी या ज़िला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपील दायर कर सकता है।
और अगर वहाँ भी बात न बने — धारा 24(ख) के तहत दूसरी अपील मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास होती है।
अपील करते समय:
- पुरानी प्रविष्टि का सबूत साथ रखिए — पुराना EPIC कार्ड, पुरानी सूची का पन्ना, या क्रम संख्या
- ज़िला निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर में दायर कीजिए — ज़िलों में इसके लिए हेल्प डेस्क बनाए गए हैं
- रसीद ज़रूर लीजिए — बिना रसीद के अपील का कोई रिकॉर्ड नहीं
- तारीख नोट कीजिए — 15 दिन आदेश की तारीख से गिने जाते हैं, सूची प्रकाशन से नहीं
रास्ता 2 — Form 6, जब चाहें
यह वह बात है जो सबसे कम लोग जानते हैं: मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अधिकार कभी खत्म नहीं होता।
SIR की दावे-आपत्तियों की खिड़की 12 सितंबर को बंद हुई, लेकिन निरंतर अद्यतनीकरण की प्रक्रिया अलग है और चलती रहती है। Form 6 किसी भी समय भरा जा सकता है — voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन, ECINet ऐप से, या BLO के ज़रिए कागज़ पर।
यह अधिकार सिर्फ एक स्थिति में रुकता है — किसी चुनाव में नामांकन की अंतिम तारीख के बाद, और वह चुनाव खत्म होने तक। पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं, इसलिए यह रास्ता अभी पूरी तरह खुला है।
यानी अगर 15 दिन निकल भी जाएँ, तो नाम जुड़वाने का रास्ता बंद नहीं होता।
कौन सा रास्ता चुनें
- नाम पहले सूची में था और अब नहीं है → अपील कीजिए। यह तेज़ है और पुरानी प्रविष्टि बहाल कराती है। साथ में Form 6 भी भर दीजिए — दोनों में कोई टकराव नहीं।
- नाम पहले से नहीं था, या आप नए मतदाता हैं → सीधे Form 6।
- 18 साल पूरे हो गए या होने वाले हैं → Form 6।
- नाम है पर ब्योरा गलत है (पता, उम्र, वर्तनी) → सुधार का फॉर्म, हटाने का मामला नहीं।
दस्तावेज़ कौन से लगते हैं
चुनाव आयोग ने SIR के लिए 12 दस्तावेज़ों की सूची सुझाई है। इनमें से कोई एक काम आता है:
- केंद्र/राज्य सरकार या PSU के कर्मचारी-पेंशनभोगी का पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश
- 1 जुलाई 1987 से पहले जारी सरकारी, बैंक, डाकघर, LIC या PSU का कोई दस्तावेज़
- जन्म प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट
- मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय की मैट्रिक या अन्य शैक्षणिक सर्टिफिकेट
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र
- वन अधिकार प्रमाण पत्र
- SC / ST / OBC या अन्य जाति प्रमाण पत्र
- राज्य या स्थानीय निकाय का परिवार रजिस्टर
- सरकारी ज़मीन या मकान आवंटन प्रमाण पत्र
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, जहाँ मौजूद हो
- आधार — चुनाव आयोग के 9 सितंबर 2025 के निर्देश के तहत
DigiLocker से निकाले दस्तावेज़ कानूनन मूल के बराबर हैं — मैट्रिक सर्टिफिकेट, जन्म प्रमाण पत्र और पैन वहीं से मिल जाते हैं। दफ्तर के चक्कर बच जाते हैं।
जो गलत जानकारी फैल रही है
इस समय चार बातें बहुत फैलाई जा रही हैं। चारों गलत हैं।
1. “अब कुछ नहीं हो सकता, तारीख निकल गई।”
गलत। अपील की 15 दिन की खिड़की अंतिम सूची के बाद शुरू होती है, और Form 6 पर कोई समय-सीमा नहीं।
2. “नाम जुड़वाने की फीस लगती है।”
गलत। अपील और Form 6 — दोनों निःशुल्क हैं। कोई एजेंट पैसे माँगे तो वह ठगी है।
3. वोटर लिस्ट वाली “सरकारी” वेबसाइटें।
Google पर मतदाता सूची खोजने पर कई निजी वेबसाइटें ऊपर आती हैं जो सरकारी दिखती हैं। असली जगह सिर्फ दो हैं — ceopunjab.gov.in और voters.eci.gov.in। किसी और साइट पर आधार नंबर, EPIC नंबर या OTP मत डालिए।
4. व्हाट्सएप पर आए “नाम चेक करें” वाले लिंक।
SIR के नाम पर ठगी चल रही है। ठगी हो जाए तो 1930 पर — पहले घंटे में क्या करना है, पूरी प्रक्रिया यहाँ।
पंजाब के आँकड़े
| कुल पंजीकृत मतदाता | 2.14 करोड़ |
|---|---|
| गणना फॉर्म एकत्र और डिजिटाइज़ | लगभग 1.94 करोड़ |
| ASDD श्रेणी में रखे गए | 20 लाख से ज़्यादा (9.63%) |
| ड्राफ्ट सूची प्रकाशन | 13 अगस्त 2026 |
| दावे-आपत्तियाँ | 13 अगस्त – 12 सितंबर 2026 |
| अंतिम सूची प्रकाशन | 12 अक्टूबर 2026 |
ASDD का मतलब है Absent, Shifted, Dead, Duplicate — अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, या दोहरी प्रविष्टि। BLO आस-पास के मतदाताओं से पूछताछ करके यह श्रेणी तय करता है।
और यहीं दिक्कत है। जो घर पर नहीं मिला, वह भी इसी श्रेणी में चला जाता है — भले ज़िंदा हो, वहीं रहता हो, और वोट देना चाहता हो। पंजाब से लाखों लोग काम के लिए बाहर हैं, विदेश में हैं, या दिहाड़ी पर दूसरे शहर में हैं। उनका नाम सबसे ज़्यादा खतरे में है।
पंजाब में 24,453 BLO तैनात किए गए थे, और नियमानुसार BLO तीन बार तक घर आता है और हर बार दरवाज़े पर तारीख लिखा स्टिकर छोड़ता है।
घर में किसी का नाम देख दीजिए
इस प्रक्रिया का बोझ सबसे ज़्यादा उन पर पड़ता है जो खुद जाँच नहीं पाते — बुज़ुर्ग, दिव्यांगजन, दिहाड़ी मज़दूर, बाहर काम करने वाले, और ब्याह कर आई महिलाएँ जिनका नाम अब भी मायके की सूची में है।
नाम जाँचने में दो मिनट लगते हैं। बहाल कराने में महीने लग सकते हैं।
इसी से जुड़ी जानकारी
- SIR की पूरी प्रक्रिया — गणना से ड्राफ्ट सूची तक, और BLO का स्टिकर क्या बताता है
- जन्म प्रमाण पत्र कैसे बनवाएँ — SIR में सबसे ज़्यादा यही माँगा जा रहा है
- निवास और जाति प्रमाण पत्र — सेवा केंद्र से बनवाने का तरीका
स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग — SIR 2026 संबंधी आधिकारिक FAQ (अंतिम सूची के बाद 15 दिन में DEO/DM के समक्ष अपील; 12 सुझाए गए दस्तावेज़; ASDD श्रेणियाँ); जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24; न्यूज़ ऑन एआईआर (प्रसार भारती) — पंजाब में SIR कार्यक्रम 11 दिन बढ़ाकर अंतिम सूची 12 अक्टूबर किए जाने संबंधी विज्ञप्ति; द ट्रिब्यून — संशोधित पंजाब SIR कार्यक्रम; ETV भारत — पंजाब ड्राफ्ट सूची के आँकड़े (2.14 करोड़ मतदाता, 9.63% ASDD)।
SIR की तारीखें राज्य के अनुसार अलग हैं और कई बार बदली गई हैं। अपने क्षेत्र की सही तारीख, दस्तावेज़ों की सूची और अपील दायर करने की जगह के लिए ceopunjab.gov.in या अपनी ज़िला वेबसाइट अवश्य देखें। यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। कोई त्रुटि दिखे तो vartalaapnews@gmail.com पर बताएँ।


