चुनाव आयोग इस समय पूरे देश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करा रहा है। पंजाब में पिछला ऐसा पुनरीक्षण लगभग 2002-03 में हुआ था — यानी करीब 24 साल बाद।
यह सामान्य सालाना अपडेट नहीं है। इसमें घर-घर जाकर हर मतदाता का सत्यापन होता है, और जिनका सत्यापन नहीं हो पाता, उनका नाम सूची से हट सकता है।
यह आँकड़ा देखिए
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार चंडीगढ़ में गणना चरण पूरा होने पर स्थिति यह थी:
| कुल पंजीकृत मतदाता | 5,16,427 |
|---|---|
| फॉर्म मिले और दर्ज हुए | 4,50,246 |
| फॉर्म नहीं मिल पाए | 66,146 |
यानी अकेले चंडीगढ़ में 66 हज़ार से ज़्यादा ऐसे मतदाता हैं जिनका फॉर्म BLO के बार-बार संपर्क करने के बावजूद नहीं मिल सका।
ये वे लोग हैं जो घर पर नहीं मिले, बाहर काम करते हैं, या जिन्हें पता ही नहीं चला। इनका नाम खतरे में है — और इनमें आप या आपके परिवार का कोई सदस्य भी हो सकता है।
प्रक्रिया कैसे चलती है
SIR चार चरणों में होता है:
- गणना (Enumeration) — BLO घर आकर पहले से भरा हुआ Enumeration Form देता है, भरने में मदद करता है, और वापस आकर ले जाता है
- ड्राफ्ट सूची प्रकाशन — जिन लोगों का सत्यापन हुआ, उनकी सूची प्रकाशित होती है
- दावे और आपत्तियाँ — नाम छूट गया हो तो दावा, गलत नाम हो तो आपत्ति
- अंतिम सूची प्रकाशन
पंजाब में 24,453 BLO लगभग 2.14 करोड़ मतदाताओं तक पहुँचने के लिए तैनात किए गए थे। नियमानुसार BLO तीन बार तक घर आता है और हर बार दरवाज़े पर तारीख लिखा स्टिकर छोड़ता है।
दरवाज़े पर ऐसा स्टिकर देखा हो और फॉर्म न भरा हो — तो यह लेख खास आपके लिए है।
अभी सबसे ज़रूरी काम
अपना नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में जाँचिए। यह एक ही काम सबसे ज़्यादा मायने रखता है।
कहाँ जाँचें:
- पंजाब के लिए — मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट
ceopunjab.gov.in - राष्ट्रीय स्तर पर —
voters.eci.gov.in - ECINet प्लेटफॉर्म पर भी सूची उपलब्ध कराई जाती है
- अपने ज़िले की वेबसाइट पर — जैसे
ludhiana.nic.inके SIR-2026 पन्ने पर फॉर्म, दस्तावेज़ों की सूची, BLO का ब्योरा और अपने क्षेत्र का कार्यक्रम मिलता है
सिर्फ अपना नाम मत देखिए — घर के सभी सदस्यों का देखिए। खासकर उनका जो बाहर रहते हैं, बुज़ुर्ग हैं, या हाल ही में ब्याह कर आए हैं।
तारीखें अपने ज़िले की वेबसाइट से देखिए
यह बात साफ कह देते हैं: SIR की तारीखें कई बार बदली हैं।
पंजाब में BLO के घर-घर दौरे की अवधि पहले 24 जुलाई तक थी, जिसे बढ़ाकर 3 अगस्त किया गया। इसी तरह दूसरे राज्यों में भी कार्यक्रम आगे-पीछे हुआ है।
इसलिए किसी वेबसाइट या व्हाट्सएप पर लिखी तारीख पर भरोसा मत कीजिए — अपने राज्य के CEO कार्यालय या ज़िला वेबसाइट पर दिख रही तारीख ही सही है। दावे और आपत्तियों की खिड़की सीमित होती है, और चूकने पर नाम अंतिम सूची से बाहर रह जाता है।
नाम सूची में न हो तो — दावा कीजिए
घबराइए मत। ड्राफ्ट सूची में नाम न होना अंतिम फैसला नहीं है — इसीलिए दावे की खिड़की होती है।
- अपने BLO से संपर्क कीजिए — उनका ब्योरा ज़िला वेबसाइट पर है
- दावा फॉर्म भरिए — नए मतदाता के लिए Form 6, निर्धारित घोषणा के साथ
- ज़रूरी दस्तावेज़ लगाइए
- रसीद ज़रूर लीजिए — बिना रसीद के दावे का कोई रिकॉर्ड नहीं
- बाद में स्थिति जाँचते रहिए
सुनवाई निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) करते हैं।
दस्तावेज़ कौन से लगते हैं
दस्तावेज़ों की आधिकारिक सूची आपके ज़िले की वेबसाइट पर प्रकाशित है — ज़िला लुधियाना की SIR-2026 वाली पन्ने पर तो “BLO को दिए जाने वाले दस्तावेज़ों की सूची” अलग से दी गई है।
आमतौर पर जन्मतिथि और निवास से जुड़े दस्तावेज़ माँगे जाते हैं। इसीलिए इस दौरान इनकी माँग बहुत बढ़ी हुई है:
- जन्म प्रमाण पत्र — न हो तो अभी बनवाइए
- 10वीं की मार्कशीट — PSEB की डुप्लीकेट सेवा इस समय सेवा केंद्रों से उपलब्ध है
- निवास प्रमाण पत्र
- DigiLocker से निकाले दस्तावेज़ — ये कानूनन मूल के बराबर हैं
अपने ज़िले की सूची ज़रूर देखिए — अंदाज़े से दस्तावेज़ लेकर मत जाइए।
कानूनी स्थिति
SIR को अदालत में चुनौती दी गई थी। रिपोर्टों के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय ने 27 मई 2026 को इसकी वैधता बरकरार रखी, यह मानते हुए कि यह जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुरूप है और चुनाव आयोग के संवैधानिक दायरे में आता है।
यानी प्रक्रिया चलेगी। इस पर राजनीतिक बहस अपनी जगह है, लेकिन मतदाता के तौर पर आपका काम एक ही है — अपना नाम जँचवाना और छूट जाने पर दावा करना।
इन लोगों का खास ध्यान रखिए
प्रक्रिया का बोझ सबसे ज़्यादा इन पर पड़ता है:
- बाहर काम करने वाले — जो BLO के आने पर घर नहीं थे
- बुज़ुर्ग — जिनके पास पुराने दस्तावेज़ नहीं हैं
- दिहाड़ी मज़दूर — जिनके पास दफ्तर जाने का समय नहीं
- दिव्यांगजन
- ब्याह कर आई महिलाएँ — जिनका नाम अब भी मायके की सूची में है
घर या मोहल्ले में ऐसा कोई हो तो उनका नाम भी जाँच दीजिए। पंजाब से लाखों लोग बाहर हैं — विदेश में या दूसरे राज्यों में। उन्हें बताना ज़रूरी है।
एक चेतावनी
SIR के नाम पर ठगी शुरू हो चुकी है।
- नाम जुड़वाने की कोई फीस नहीं है — कोई पैसे माँगे तो वह गलत है
- व्हाट्सएप पर आए “नाम चेक करें” वाले लिंक पर आधार नंबर या OTP मत डालिए
- सूची सिर्फ सरकारी वेबसाइट पर देखिए —
voters.eci.gov.inया अपने राज्य के CEO कार्यालय की साइट - ठगी हो जाए तो 1930 — पूरी प्रक्रिया यहाँ
स्रोत: न्यूज़ ऑन एआईआर (प्रसार भारती) — चुनाव आयोग द्वारा पंजाब, कर्नाटक, तेलंगाना एवं दिल्ली में SIR कार्यक्रम बढ़ाए जाने तथा चंडीगढ़ के गणना आँकड़ों संबंधी विज्ञप्ति; ज़िला लुधियाना की आधिकारिक वेबसाइट का SIR-2026 पृष्ठ (फॉर्म, दस्तावेज़ सूची एवं संशोधित कार्यक्रम); भारत निर्वाचन आयोग; सर्वोच्च न्यायालय के 27 मई 2026 के निर्णय संबंधी समाचार रिपोर्टिंग।
SIR की तारीखें राज्य और चरण के अनुसार अलग हैं और कई बार बदली गई हैं। अपने क्षेत्र की सही तारीख और दस्तावेज़ों की सूची के लिए अपने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट या ज़िला वेबसाइट अवश्य देखें। यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। कोई त्रुटि दिखे तो vartalaapnews@gmail.com पर बताएँ।


