गुरूवार, 5 नवम्बर 2026
पंजाब

पंजाब में विवाह प्रमाण पत्र कैसे बनवाएँ? — और आपकी शादी किस कानून के तहत दर्ज होगी

पंजाब में विवाह पंजीकरण अब Digi Punjab पोर्टल पर आ गया है, और वहाँ आनंद मैरिज एक्ट के तहत पंजीकरण भी उपलब्ध है। पहला सवाल यह नहीं कि आवेदन कहाँ करें — पहला सवाल यह है कि आपकी शादी किस कानून के तहत दर्ज होगी, क्योंकि उसी से गवाहों की संख्या और दस्तावेज़ तय होते हैं।

पंजाब में विवाह प्रमाण पत्र कैसे बनवाएँ — किस कानून के तहत — वार्तालाप

पंजाब में विवाह पंजीकरण के लिए पहला सवाल यह नहीं है कि आवेदन कहाँ करें।

पहला सवाल यह है कि आपकी शादी किस कानून के तहत दर्ज होगी — क्योंकि उसी से गवाहों की संख्या, दस्तावेज़ और प्रक्रिया तय होती है।

कानून किसके लिए गवाह
हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध 2
आनंद मैरिज एक्ट सिख विवाह (आनंद कारज) 2
विशेष विवाह अधिनियम, 1954 अंतरधार्मिक विवाह, या नागरिक विवाह 3

पंजाब में विवाह पंजीकरण पंजाब अनिवार्य विवाह पंजीकरण अधिनियम, 2012 के तहत आता है।

और सबसे ज़रूरी बात: यह अब Digi Punjab पोर्टल पर आ गया है — और वहाँ आनंद मैरिज एक्ट के तहत पंजीकरण अलग से उपलब्ध है।

आवेदन कहाँ करें

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार विवाह पंजीकरण अब digi.punjab.gov.in की सेवाओं में शामिल है — पंजाब अनिवार्य विवाह पंजीकरण अधिनियम और आनंद मैरिज एक्ट दोनों के तहत।

यह पोर्टल 2 सितंबर 2026 को शुरू हुआ था, और सेवाएँ चरणबद्ध तरीके से उस पर लाई जा रही हैं।

इसीलिए इंटरनेट पर मिलने वाले ज़्यादातर गाइड पुराने पोर्टल बताते हैं। पहले Digi Punjab देख लीजिए। वहाँ न मिले तो सेवा केंद्र जाइए — वहाँ भी वही आवेदन उसी सिस्टम में दर्ज होता है।

Digi Punjab पर और क्या-क्या है, और PB Trac से आवेदन से पहले समयसीमा कैसे देखें — पूरी जानकारी यहाँ दी है।

आनंद मैरिज एक्ट — यह अलग से जान लीजिए

सिख विवाह आनंद कारज की रीति से होते हैं, और उनके लिए अलग कानूनी प्रावधान है।

बहुत से सिख परिवार अपनी शादी हिंदू विवाह अधिनियम के तहत दर्ज करा देते हैं, यह जाने बिना कि आनंद मैरिज एक्ट के तहत पंजीकरण का विकल्प मौजूद है।

दोनों कानूनी रूप से मान्य हैं। पर अगर आप चाहते हैं कि प्रमाण पत्र आपकी शादी की असली रीति के अनुसार दर्ज हो, तो आवेदन करते समय सही विकल्प चुनिए।

दस्तावेज़

  • आधार कार्ड — दोनों का
  • उम्र का प्रमाण — 10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र
  • पते का प्रमाण — दोनों का
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • शादी का कार्ड या शादी की फोटो
  • गवाहों के पहचान पत्र — 2 या 3, कानून के हिसाब से
  • मृत्यु प्रमाण पत्र — अगर कोई विधवा या विधुर है

10वीं की मार्कशीट सबसे आसान उम्र का प्रमाण है, क्योंकि उसमें जन्मतिथि दर्ज होती है। खो गई हो तो PSEB से दूसरी कॉपी मिल जाती है।

नाम की स्पेलिंग मिलानी ज़रूरी है

आधार, उम्र के प्रमाण और आवेदन — तीनों में नाम एक जैसा होना चाहिए।

फर्क हो तो पहले आधार में सुधार कराइए, आवेदन से पहले। बाद में ठीक कराना कहीं ज़्यादा मुश्किल होता है — और प्रमाण पत्र में गलत नाम सालों परेशान करता है।

कितना समय लगता है

ऑनलाइन आवेदन में आमतौर पर एक-दो हफ्ते लगते हैं, ऑफलाइन में थोड़ा ज़्यादा। दोनों में सत्यापन के लिए दोनों पक्षों और गवाहों को खुद जाना पड़ता है।

सटीक समयसीमा और फीस कानून और ज़िले के हिसाब से अलग होती है। आवेदन करते समय पोर्टल पर ही दिख जाती है — वहीं से पुष्टि कीजिए।

देरी हो जाए तो याद रखिए कि पंजाब में सेवा का अधिकार कानून लागू है, और तय समय में काम न होने पर अपील का हक आपके पास है।

यह प्रमाण पत्र कहाँ-कहाँ काम आता है

शादी के तुरंत बाद लोग इसे ज़रूरी नहीं समझते। फिर सालों बाद ज़रूरत पड़ती है — और तब जल्दी नहीं बनता।

  • पत्नी के पासपोर्ट में नाम या पता बदलवाने के लिए
  • वीज़ा और विदेश जाने के मामलों में — खासकर जीवनसाथी वीज़ा
  • बैंक खाते और बीमा में नामांकन बदलने के लिए
  • संपत्ति और उत्तराधिकार के मामलों में
  • सरकारी योजनाओं में, जहाँ वैवाहिक स्थिति की शर्त हो
  • राशन कार्ड में नाम जोड़ने के लिए — ब्याह कर आई महिला का नाम जोड़ते समय यह माँगा जाता है

पंजाब के लिए वीज़ा वाली बात खास है — यहाँ से बड़ी संख्या में लोग विदेश जाते हैं, और वहाँ विवाह प्रमाण पत्र के बिना जीवनसाथी का आवेदन आगे नहीं बढ़ता।

शादी को सालों हो गए हों तो

पुरानी शादी भी दर्ज कराई जा सकती है — देर से पंजीकरण का प्रावधान है।

ऐसे मामलों में अकसर शपथ पत्र माँगे जाते हैं, जिनमें दोनों यह बताते हैं कि विवाह कब और कहाँ हुआ और अपनी मर्ज़ी से हुआ।

अपने मामले की शर्तें सेवा केंद्र या रजिस्ट्रार कार्यालय से पूछ लीजिए — देर जितनी ज़्यादा, दस्तावेज़ उतने ज़्यादा।

NRI परिवारों के लिए

अगर एक पक्ष विदेश में है, तो पंजीकरण तब भी हो सकता है — पर सत्यापन के समय व्यक्तिगत उपस्थिति आमतौर पर ज़रूरी होती है।

इसलिए भारत आने पर ही यह काम निपटा लीजिए, बाद के लिए मत छोड़िए। बाद में विशेष रूप से आना पड़ता है।

एक चेतावनी

“marriage certificate” के नाम पर बहुत सी निजी वेबसाइटें चल रही हैं जो सरकारी जैसी दिखती हैं और मोटी फीस लेती हैं।

  • आवेदन सिर्फ digi.punjab.gov.in से या सेवा केंद्र से कीजिए — .gov.in पर ध्यान दीजिए
  • सरकारी फीस तय है और पोर्टल पर दिखती है
  • किसी को अपना आधार OTP मत दीजिए
  • “एक दिन में सर्टिफिकेट” का वादा करने वाला हर व्यक्ति ठग है — सत्यापन के लिए जाना ही पड़ता है
  • ठगी हो जाए तो 1930 — पहला घंटा सबसे कीमती है

स्रोत: पंजाब अनिवार्य विवाह पंजीकरण अधिनियम, 2012; हिंदू विवाह अधिनियम, 1955; विशेष विवाह अधिनियम, 1954; आनंद मैरिज एक्ट; Digi Punjab पोर्टल पर उपलब्ध सेवाओं संबंधी सरकारी विज्ञप्ति (2 सितंबर 2026) एवं उसकी रिपोर्टिंग — द ट्रिब्यून; विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया संबंधी सार्वजनिक जानकारी।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। दस्तावेज़, फीस और समयसीमा कानून, ज़िले और मामले के अनुसार अलग होती है, और नियम बदलते रहते हैं। आवेदन से पहले digi.punjab.gov.in पर या अपने सेवा केंद्र से मौजूदा शर्तें अवश्य पुष्टि करें। कोई त्रुटि दिखे तो vartalaapnews@gmail.com पर बताएँ।

निखिल कालिया

निखिल कालिया वार्तालाप के संपादक और प्रकाशक हैं। वे 2016 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और जालंधर से पंजाब की स्थानीय खबरें कवर करते हैं — लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, चंडीगढ़ और पूरा राज्य। खबर, सुझाव या शिकायत के लिए संपर्क करें: vartalaapnews@gmail.com

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