पंजाब सरकार की आशीर्वाद योजना — जिसे पहले शगुन योजना कहते थे — में बेटी की शादी पर आर्थिक मदद मिलती है।
| राशि | ₹51,000 — एकमुश्त |
|---|---|
| कैसे मिलती है | सीधे बैंक खाते में (DBT) |
| पोर्टल | ashirwad.punjab.gov.in |
| आवेदन कब तक | शादी से पहले, या शादी के 30 दिन के भीतर |
| कितनी बेटियों के लिए | एक परिवार में अधिकतम दो |
| विभाग | सामाजिक सुरक्षा एवं महिला तथा बाल विकास |
और सबसे ज़रूरी बात यही तारीख है। आवेदन शादी से पहले, या शादी के 30 दिन के भीतर करना होता है।
बहुत से परिवार शादी की भागदौड़ में यह भूल जाते हैं, और महीनों बाद पता चलता है कि अब आवेदन नहीं हो सकता। ₹51,000 सिर्फ एक तारीख चूकने से चले जाते हैं।
किसे मिलती है
- पंजाब की स्थायी निवासी
- बेटी की उम्र 18 साल या उससे ज़्यादा
- परिवार अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग या आर्थिक रूप से कमज़ोर श्रेणी से
- विधवा की बेटी भी पात्र बताई गई है
- परिवार की वार्षिक आय तय सीमा के भीतर
आय की सीमा और श्रेणियों की शर्तें सरकार समय-समय पर संशोधित करती है। अपनी पात्रता ashirwad.punjab.gov.in पर या ज़िला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय से ज़रूर जाँच लीजिए — अंदाज़े से मत छोड़िए।
आवेदन कैसे करें
ऑनलाइन
ashirwad.punjab.gov.inखोलिए- नया उपयोगकर्ता के रूप में रजिस्टर कीजिए
- लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरिए
- दस्तावेज़ अपलोड कीजिए
- संदर्भ संख्या (reference number) संभालकर रखिए — स्थिति इसी से देखी जाती है
ऑफलाइन
ऑनलाइन न कर पाएँ तो ज़िला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय या ग्राम पंचायत से फॉर्म लेकर भरा जा सकता है।
पावती ज़रूर लीजिए — बिना रसीद के आवेदन का कोई रिकॉर्ड नहीं बनता।
दस्तावेज़
- आधार कार्ड — बेटी का और माता-पिता का
- जाति प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- जन्म प्रमाण पत्र या उम्र का सबूत
- शादी का प्रमाण — कार्ड, विवाह प्रमाण पत्र या तय दस्तावेज़
- बैंक पासबुक — बेटी के खाते की
जाति और निवास प्रमाण पत्र न हो तो पहले वह बनवाइए — eSewa से पूरी प्रक्रिया यहाँ दी है। और ये दस्तावेज़ बनने में समय लगता है, इसलिए शादी तय होते ही शुरू कर दीजिए।
वह गलती जिससे पैसा अटक जाता है
पैसा DBT से सीधे खाते में आता है। और DBT तभी काम करता है जब खाता NPCI में आधार से seeded हो।
खाते में आधार नंबर लिखा होना और खाते का seed होना दो अलग बातें हैं। बैंक अकसर पहला काम कर देते हैं और दूसरा नहीं।
बैंक में जाकर साफ पूछिए: “मेरा खाता NPCI में आधार से seed है या नहीं? DBT enable है?”
यही वजह ज़्यादातर मामलों में होती है जब “आवेदन मंज़ूर हो गया पर पैसा नहीं आया”। जाँचने का पूरा तरीका यहाँ दिया है — npci.org.in पर मुफ्त, पाँच मिनट में।
यह काम शादी से पहले करा लीजिए, बाद में नहीं।
दो बेटियों तक
एक परिवार अधिकतम दो बेटियों के लिए इस योजना का लाभ ले सकता है।
अगर घर में तीन बेटियाँ हैं, तो यह पहले से सोच लेना पड़ता है।
योजना का इतिहास
यह योजना 26 जनवरी 2004 को शगुन योजना के नाम से शुरू हुई थी, तब राशि कुछ हज़ार रुपये थी।
समय के साथ यह बढ़ती रही — ₹15,000, फिर ₹21,000, और फिर ₹51,000। नाम भी बदलकर आशीर्वाद योजना हो गया।
इसीलिए इंटरनेट पर आपको पुरानी रकम भी लिखी मिल सकती है। मौजूदा रकम और शर्तें पोर्टल से ही देखिए।
शादी तय होते ही ये चार काम
- पात्रता जाँचिए — ज़िला समाज कल्याण कार्यालय या पोर्टल से
- दस्तावेज़ बनवाइए — जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र में समय लगता है
- बेटी का बैंक खाता खुलवाइए और NPCI seeding करवाइए
- आवेदन कीजिए — शादी से पहले ही, 30 दिन का इंतज़ार मत कीजिए
चौथा सबसे ज़रूरी है। शादी के बाद का महीना सबसे व्यस्त होता है, और तारीख वहीं चूकती है।
एक ज़रूरी चेतावनी
इंटरनेट पर पंजाब की योजनाओं के नाम से कई फर्जी वेबसाइटें चल रही हैं, जो खुद को सरकारी जैसा दिखाती हैं। हमने मावां-धीयां योजना वाले लेख में भी यही देखा था — और उनमें से कुछ आशीर्वाद योजना पर भी पन्ने चला रही हैं।
- आवेदन सिर्फ
ashirwad.punjab.gov.inसे या समाज कल्याण कार्यालय से कीजिए - आवेदन नि:शुल्क है — कोई एजेंट पैसे माँगे तो वह गलत है
- किसी लिंक पर आधार नंबर या OTP मत डालिए
- पैसा सीधे बैंक खाते में आता है — किसी बिचौलिए के हाथ से नहीं
- ठगी हो जाए तो 1930 — पहला घंटा सबसे कीमती है
स्रोत: आशीर्वाद योजना पोर्टल (ashirwad.punjab.gov.in), सामाजिक सुरक्षा एवं महिला तथा बाल विकास विभाग, पंजाब सरकार; योजना की राशि, पात्रता एवं प्रक्रिया संबंधी सार्वजनिक जानकारी।
योजना की राशि, आय सीमा, पात्रता और आवेदन की समयसीमा सरकार समय-समय पर बदलती है। आवेदन से पहले ashirwad.punjab.gov.in पर या अपने ज़िला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय से मौजूदा शर्तें अवश्य पुष्टि करें। कोई त्रुटि दिखे तो vartalaapnews@gmail.com पर बताएँ।


