शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026
पंजाब

मावां-धीयां सतिकार योजना: कोई ऑनलाइन पोर्टल नहीं है — रजिस्ट्रेशन सिर्फ इन दो जगहों पर होता है

पंजाब की ₹1,000 वाली योजना के नाम पर कई वेबसाइटें खुद को सरकारी बता रही हैं। असलियत यह है कि कोई आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल है ही नहीं — रजिस्ट्रेशन आँगनवाड़ी केंद्र और सेवा केंद्र पर ही होता है। साथ में वह गलती जिससे ₹500 का नुकसान हो जाता है।

मावां-धीयां सतिकार योजना: कोई ऑनलाइन पोर्टल नहीं है — रजिस्ट्रेशन कहाँ होता है — वार्तालाप

पंजाब सरकार की मुख्य मंत्री मावां-धीयां सतिकार योजना — जिसे लोग “₹1,000 वाली स्कीम” कहते हैं — राज्य की सबसे बड़ी महिला कल्याण योजनाओं में है।

और शायद इसी वजह से इसके नाम पर सबसे ज़्यादा भ्रम भी फैला हुआ है।

पहले सबसे ज़रूरी बात

इस योजना का कोई आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल नहीं है।

इंटरनेट पर आपको दर्जनों वेबसाइटें मिलेंगी जिनके नाम में “मावां धीयां सतिकार योजना” लिखा है और जो खुद को सरकारी जैसी दिखाती हैं। उनमें से कोई भी सरकारी नहीं है। ये निजी वेबसाइटें हैं जो विज्ञापन से कमाती हैं और व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर लोगों का डेटा इकट्ठा करती हैं।

राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार रजिस्ट्रेशन के लिए दो ही जगहें तय हैं:

  • आँगनवाड़ी केंद्र (ਆਂਗਣਵਾੜੀ)
  • सेवा केंद्र

पंजाब में हज़ारों आँगनवाड़ी केंद्र हैं — लगभग हर गाँव में एक। वहीं जाइए। किसी वेबसाइट पर फॉर्म मत भरिए।

और ध्यान रखिए: रजिस्ट्रेशन नि:शुल्क है। कोई भी “फॉर्म भरवाने” के पैसे माँगे तो वह गलत है।

योजना क्या है

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार यह योजना 8 मार्च 2026 को पंजाब बजट 2026-27 में घोषित हुई — अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इसकी घोषणा की थी।

सामान्य श्रेणी ₹1,000 प्रति माह
अनुसूचित जाति (SC) ₹1,500 प्रति माह
कवरेज राज्य की लगभग 97% महिलाएँ
भुगतान सीधे बैंक खाते में (DBT)

योजना सामाजिक सुरक्षा एवं महिला तथा बाल विकास विभाग चलाता है। रजिस्ट्रेशन बैसाखी के आसपास, अप्रैल 2026 में शुरू हुआ था।

कौन पात्र है

  • पंजाब की स्थायी निवासी महिला
  • उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक
  • पंजाब का वोटर आईडी

विवाहित और अविवाहित दोनों पात्र हैं — शादीशुदा होना कोई शर्त नहीं है। यह बात बहुत सी अविवाहित महिलाएँ नहीं जानतीं और आवेदन ही नहीं करतीं।

ब्याह कर पंजाब आई महिलाओं के लिए

अगर शादी के बाद पंजाब आई हैं और अभी तक पंजाब का वोटर आईडी नहीं बना, तो पहले वह बनवाइए — उसके बिना रजिस्ट्रेशन अटक जाएगा।

साथ ही आधार में पता भी पंजाब वाला होना चाहिए। पते का कागज़ अपने नाम पर न हो तो परिवार के मुखिया की सहमति से आधार में पता अपडेट कराया जा सकता है।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड — पंजाब के पते के साथ
  • पंजाब का वोटर आईडी
  • बैंक पासबुक — DBT चालू खाते की
  • जाति प्रमाण पत्र — सिर्फ SC श्रेणी की महिलाओं के लिए

जाति प्रमाण पत्र न हो या पुराना हो तो eSewa पोर्टल से बनवाने की प्रक्रिया यहाँ है

वह गलती जिससे ₹500 महीने का नुकसान होता है

फॉर्म भरते समय श्रेणी (category) का खाना सबसे ध्यान से भरिए।

अगर SC श्रेणी की महिला ने गलती से “सामान्य” भर दिया, तो सिस्टम उसे ₹1,000 वाली सूची में डाल देगा — ₹1,500 नहीं मिलेंगे। यह हर महीने ₹500 का फर्क है।

फॉर्म जमा करने से पहले एक बार खुद पढ़ लीजिए, और पावती पर्ची (acknowledgement slip) ज़रूर लीजिए। बाद में कोई भी सवाल उसी से हल होगा।

बैंक खाता — यहीं सबसे ज़्यादा पैसा अटकता है

पैसा DBT से आता है, और DBT तभी काम करता है जब आपका बैंक खाता आधार से “seeded” हो।

यह फर्क समझ लीजिए: खाते में आधार नंबर लिखा होना और खाते का आधार से NPCI में seed होना दो अलग बातें हैं। ज़्यादातर लोग यहीं फँसते हैं।

बैंक जाकर साफ पूछिए: “मेरा खाता NPCI में आधार से seed है या नहीं?” — सिर्फ “आधार लिंक है” मत पूछिए।

यही वजह ज़्यादातर मामलों में होती है जब “रजिस्ट्रेशन हो गया पर पैसा नहीं आया”।

पैसा न आए तो क्रम से जाँचिए

  1. बैंक जाकर खाता जँचवाइए — seeding, KYC, और खाता चालू है या dormant
  2. अपनी पावती पर्ची लेकर आँगनवाड़ी केंद्र या सेवा केंद्र जाइए
  3. वहाँ बात न बने तो ज़िला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी (DSSO) के दफ्तर जाइए

ज़्यादातर मामलों में दिक्कत बैंक खाते में निकलती है, विभाग में नहीं। इसलिए पहले बैंक जाइए — इससे कई चक्कर बचते हैं।

अभी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो

मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार रजिस्ट्रेशन की कोई आखिरी तारीख नहीं है — जब भी कराएँ, कराया जा सकता है।

लेकिन जितनी देर करेंगे, उतने महीने का लाभ पीछे छूटता जाएगा। घर में कोई महिला हो जिसने अभी तक नहीं कराया, तो उन्हें बताइए — खासकर बुज़ुर्ग महिलाओं को, जिन तक जानकारी सबसे देर से पहुँचती है।

अफवाहों से बचिए

इस योजना के नाम पर व्हाट्सएप पर बहुत कुछ घूमता रहता है — “आज पैसा आ रहा है”, “लिस्ट जारी हुई”, “इस लिंक पर चेक करें”।

  • किसी लिंक पर आधार नंबर या OTP मत डालिए
  • किसी “एजेंट” को पैसे मत दीजिए — रजिस्ट्रेशन मुफ्त है
  • संदेह हो तो सीधे आँगनवाड़ी केंद्र या सेवा केंद्र जाइए, वहीं सही जानकारी मिलेगी
  • सरकारी योजनाओं की पुष्टि के लिए punjab.gov.in देखिए

याद रखिए — सरकार कभी OTP नहीं माँगती, और किसी योजना का पैसा पाने के लिए पहले पैसा देना नहीं पड़ता। साइबर ठगी से बचने की पूरी जानकारी यहाँ दी है


स्रोत: न्यूज़ ऑन एआईआर (प्रसार भारती) — पंजाब बजट 2026-27 संबंधी सरकारी विज्ञप्ति, 8 मार्च 2026; सामाजिक सुरक्षा एवं महिला तथा बाल विकास विभाग, पंजाब सरकार की योजना संबंधी अधिसूचना; पंजाब सरकार का आधिकारिक पोर्टल (punjab.gov.in)।

योजना की राशि, पात्रता और रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था सरकार बदल सकती है। अपने मामले के लिए नज़दीकी आँगनवाड़ी केंद्र, सेवा केंद्र या ज़िला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी से पुष्टि अवश्य करें। यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। कोई त्रुटि दिखे तो vartalaapnews@gmail.com पर बताएँ।

निखिल कालिया

निखिल कालिया वार्तालाप के संपादक और प्रकाशक हैं। वे 2016 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और जालंधर से पंजाब की स्थानीय खबरें कवर करते हैं — लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, चंडीगढ़ और पूरा राज्य। खबर, सुझाव या शिकायत के लिए संपर्क करें: vartalaapnews@gmail.com

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