शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026
बैंक

मिनिमम बैलेंस न हो तो बैंक कितना काट सकता है? — और वह एक महीने वाली छूट

RBI के निर्देशों के अनुसार बैंक को पहले सूचना देनी होती है, और एक महीने के भीतर बैलेंस पूरा कर देने पर जुर्माना नहीं लगना चाहिए। साथ ही जुर्माने से खाता ऋणात्मक नहीं हो सकता। और वह खाता जिसमें मिनिमम बैलेंस की शर्त ही नहीं होती।

मिनिमम बैलेंस न हो तो बैंक कितना काट सकता है — RBI के नियम — वार्तालाप

महीने के आखिर में बैलेंस गिर गया, और अगले महीने पता चला कि बैंक ने जुर्माना काट लिया। यह लगभग हर किसी के साथ होता है।

पर RBI के निर्देशों में कुछ शर्तें हैं जो आपके पक्ष में हैं — और उनमें से एक तो लगभग कोई नहीं जानता।

चार बातें जो जान लेनी चाहिए

नियम क्या कहता है
पहले सूचना बैंक को SMS, ईमेल या पत्र से बताना होता है कि बैलेंस कम है
एक महीने की छूट सूचना की तारीख से एक महीने में बैलेंस पूरा कर दिया, तो जुर्माना नहीं
कमी के अनुपात में जुर्माना उतना ही, जितनी कमी रही — मनमाना नहीं
खाता ऋणात्मक नहीं सिर्फ जुर्माने की वजह से बैलेंस शून्य से नीचे नहीं जा सकता

दूसरी वाली बात सबसे कीमती है। बैलेंस गिरते ही जुर्माना नहीं लग जाता — पहले सूचना आनी चाहिए, और उसके बाद एक महीने का मौका मिलता है।

इसीलिए बैंक के SMS पढ़िए। उसी में वह सूचना होती है, और उसी से आपका एक महीना शुरू होता है।

RBI कोई एक रकम तय नहीं करता

यह गलतफहमी बहुत फैली हुई है।

RBI यह तय नहीं करता कि मिनिमम बैलेंस कितना होगा। हर बैंक अपनी बोर्ड-अनुमोदित नीति के हिसाब से खुद तय करता है — और वह खाते के प्रकार तथा शाखा की जगह पर भी निर्भर करता है।

इसीलिए एक ही बैंक में शहर की शाखा और गाँव की शाखा की शर्त अलग हो सकती है।

RBI जो तय करता है वह यह है — कि बैंक आपको खाता खोलते समय साफ-साफ बताए कि कितना बैलेंस रखना है और न रखने पर क्या लगेगा।

अगर आपको यह कभी बताया ही नहीं गया, तो यह शिकायत का आधार है।

अब असली हल — वह खाता जिसमें शर्त ही नहीं

यह सबसे कम इस्तेमाल किया जाने वाला विकल्प है।

BSBDA — Basic Savings Bank Deposit Account. इसमें मिनिमम बैलेंस की कोई शर्त नहीं होती, और इसीलिए जुर्माना भी नहीं लगता।

हर बैंक को यह सुविधा देनी होती है।

इसमें क्या मिलता है

  • बचत खाते जैसा ब्याज
  • ATM/डेबिट कार्ड — बिना शुल्क
  • पैसा जमा करने और निकालने की सुविधा
  • मिनिमम बैलेंस शून्य

और क्या ध्यान रखना है

इसमें कुछ सीमाएँ भी होती हैं — जैसे महीने में मुफ्त निकासी की गिनती। अपने बैंक से शर्तें पूछ लीजिए

पर अगर आपका खाता ज़्यादातर वेतन आने और खर्च करने के लिए ही है, और बैलेंस अकसर गिर जाता है — तो हर महीने जुर्माना भरने से यह कहीं बेहतर है

मौजूदा खाते को भी BSBDA में बदला जा सकता है। शाखा में जाकर लिखित अनुरोध दीजिए। बहुत से लोगों को पता ही नहीं कि यह विकल्प मौजूद है।

खाता ऋणात्मक हो जाए तो

ऐसा तब होता है जब खाते में ₹20 पड़े हों और बैंक ₹75 का जुर्माना काट दे।

RBI के निर्देशों के अनुसार सिर्फ जुर्माने की वजह से बैलेंस शून्य से नीचे नहीं जाना चाहिए।

ऐसा हुआ हो तो:

  1. शाखा में लिखित शिकायत दीजिए और वापसी माँगिए
  2. बात न बने तो नोडल अधिकारी को
  3. फिर भी नहीं — तो RBI लोकपाल, cms.rbi.org.in पर। नि:शुल्क, वकील की ज़रूरत नहीं

खाता बहुत दिन न चले तो

दो साल तक कोई लेन-देन न होने पर खाता निष्क्रिय हो जाता है — और तब नियम अलग हैं।

निष्क्रिय खाते पर मिनिमम बैलेंस का जुर्माना नहीं लगाया जा सकता, और उसे चालू कराने की भी कोई फीस नहीं। पूरी जानकारी यहाँ दी है

और एक बात जो वहाँ भी है — ब्याज या सब्सिडी आने से खाता चालू नहीं रहता। लेन-देन आपका होना चाहिए।

जुर्माने से बचने के चार तरीके

  1. बैंक के SMS पढ़िए — सूचना वहीं आती है, और एक महीने की गिनती वहीं से शुरू होती है
  2. बैलेंस अलर्ट चालू कीजिए — ज़्यादातर बैंक मुफ्त में देते हैं
  3. कई खाते बंद कीजिए — हर खाते का अलग मिनिमम बैलेंस और अलग जुर्माना लगता है
  4. बैलेंस टिकता न हो तो BSBDA में बदलवाइए

तीसरा बिंदु सबसे ज़्यादा पैसा बचाता है। बहुत से लोगों के पास पुरानी नौकरियों के तीन-चार सैलरी खाते पड़े रहते हैं — और हर एक चुपचाप जुर्माना काटता रहता है।

साल में एक बार सब खातों का हिसाब देख लीजिए, और जो काम के नहीं हैं उन्हें विधिवत बंद करा दीजिए। बंद कराने की आमतौर पर कोई फीस नहीं होती।

एक चेतावनी

  • इंटरनेट पर कई वेबसाइटें “RBI के नए नियम” का दावा करती हैं जिनका कोई आधिकारिक आधार नहीं होता — अपने बैंक की schedule of charges ही असली जवाब है
  • बैंक कभी फोन पर OTP, PIN या पासवर्ड नहीं माँगता
  • “खाता बंद हो जाएगा” वाले SMS पर लिंक मत दबाइए — सीधे बैंक से पुष्टि कीजिए
  • ठगी हो जाए तो 1930पहला घंटा सबसे कीमती है

और यह भी देख लीजिए कि आपकी सरकारी योजनाओं का पैसा किस खाते में जा रहा है — कई बार वह उसी पुराने खाते में जाता रहता है जिसे आप इस्तेमाल ही नहीं करते।


स्रोत: भारतीय रिज़र्व बैंक के मिनिमम बैलेंस एवं दंडात्मक शुल्क संबंधी निर्देश — सूचना, एक माह की अवधि, आनुपातिकता एवं ऋणात्मक बैलेंस संबंधी प्रावधान, जैसा संसद में दिए गए उत्तर तथा समाचार रिपोर्टिंग में उद्धृत; BSBDA संबंधी RBI की व्यवस्था; RBI शिकायत पोर्टल (cms.rbi.org.in)।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, वित्तीय सलाह नहीं। मिनिमम बैलेंस की रकम, जुर्माने की दर और BSBDA की शर्तें हर बैंक में अलग होती हैं। अपने बैंक की schedule of charges देखें और rbi.org.in से मौजूदा निर्देश जाँचें। कोई त्रुटि दिखे तो vartalaapnews@gmail.com पर बताएँ।

निखिल कालिया

निखिल कालिया वार्तालाप के संपादक और प्रकाशक हैं। वे 2016 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और जालंधर से पंजाब की स्थानीय खबरें कवर करते हैं — लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, चंडीगढ़ और पूरा राज्य। खबर, सुझाव या शिकायत के लिए संपर्क करें: vartalaapnews@gmail.com

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