शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026
पंजाब

महिलाओं के लिए मदद: 181, सखी वन स्टॉप सेंटर और वे नंबर जो जानने चाहिए

पंजाब में हर ज़िले में सखी वन स्टॉप सेंटर है, जहाँ मेडिकल, कानूनी, पुलिस और मनोवैज्ञानिक मदद एक ही जगह नि:शुल्क मिलती है। 181 पर कॉल करके यह मदद ली जा सकती है — और शिकायत पीड़िता के अलावा कोई और भी दर्ज करा सकता है।

महिलाओं के लिए मदद: 181 हेल्पलाइन और सखी वन स्टॉप सेंटर — वार्तालाप

पंजाब में हिंसा या मुश्किल का सामना कर रही महिलाओं के लिए एक पूरी व्यवस्था मौजूद है — लेकिन इसकी जानकारी बहुत कम लोगों तक पहुँची है।

यह लेख उन नंबरों और सुविधाओं के बारे में है जो नि:शुल्क हैं और 24 घंटे उपलब्ध हैं।

ज़रूरी नंबर

ये सभी सामाजिक सुरक्षा एवं महिला तथा बाल विकास विभाग, पंजाब सरकार की आधिकारिक सूची से हैं:

सेवा नंबर
महिला हेल्पलाइन 181
महिला हेल्पलाइन (वैकल्पिक) 1091
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098
बुज़ुर्गों के लिए हेल्पलाइन 14567
आपातकाल (पुलिस/एम्बुलेंस/फायर) 112
नि:शुल्क कानूनी सहायता (NALSA) 15100
मानसिक स्वास्थ्य (टेली मानस) 14416
गोद लेने से जुड़ी जानकारी (CARA) 1800-11-1311

15100 और 14416 — ये दो नंबर लगभग कोई नहीं जानता। पहला नि:शुल्क कानूनी सहायता के लिए है, दूसरा मानसिक स्वास्थ्य के लिए। दोनों सरकारी हैं और दोनों मुफ्त।

181 क्या करता है

विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार महिला हेल्पलाइन योजना का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को 24 घंटे तत्काल और आपातकालीन प्रतिक्रिया देना है।

यह सिर्फ एक शिकायत नंबर नहीं है। 181 पर कॉल करने पर आपको जोड़ा जाता है:

  • पुलिस से
  • अस्पताल और एम्बुलेंस सेवा से
  • सखी वन स्टॉप सेंटर से
  • ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (कानूनी मदद) से

साथ ही महिलाओं से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी भी यहीं से मिलती है। यानी आपात स्थिति न हो तब भी यह नंबर काम का है।

सखी वन स्टॉप सेंटर

यह सबसे ज़रूरी हिस्सा है।

पंजाब के हर ज़िले में सखी वन स्टॉप सेंटर है, और ये आमतौर पर ज़िला सरकारी अस्पताल में या उसके पास होते हैं — ताकि चिकित्सा मदद तुरंत मिल सके।

यहाँ एक ही छत के नीचे मिलता है

  • नि:शुल्क चिकित्सा सहायता
  • नि:शुल्क कानूनी सहायता
  • पुलिस से जुड़ी सहायता
  • मनोवैज्ञानिक सहायता और काउंसलिंग
  • नि:शुल्क भोजन
  • सुरक्षित अस्थायी आश्रय — आमतौर पर कुछ दिनों के लिए

यह सुविधा उम्र, जाति, वर्ग, शिक्षा, वैवाहिक स्थिति या धर्म — किसी भी आधार पर सीमित नहीं है। शारीरिक, यौन, भावनात्मक, मानसिक या आर्थिक — किसी भी तरह की हिंसा का सामना कर रही कोई भी महिला यहाँ आ सकती है।

यह बात जान लीजिए

शिकायत पीड़िता खुद दर्ज करा सकती है, या उसकी ओर से कोई और भी।

यानी अगर आपके आसपास कोई महिला मुश्किल में है और वह खुद संपर्क करने की स्थिति में नहीं है — पड़ोसी, रिश्तेदार, सहकर्मी, कोई भी 181 पर कॉल कर सकता है।

यह एक ऐसी बात है जो बहुत से लोगों को नहीं पता, और इसी वजह से वे चुप रह जाते हैं कि “यह हमारा मामला नहीं है”।

अपने ज़िले का केंद्र कैसे ढूँढें

दो रास्ते हैं:

  • 181 पर कॉल करें — कॉल अपने आप नज़दीकी केंद्र से जुड़ जाती है
  • मिशन शक्ति पोर्टल (missionshakti.wcd.gov.in) पर नज़दीकी वन स्टॉप सेंटर खोजा जा सकता है

पंजाब के विभाग की वेबसाइट sswcd.punjab.gov.in पर भी ज़िलेवार संपर्क जानकारी प्रकाशित होती है।

कार्यस्थल पर उत्पीड़न

कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के लिए अलग कानून है — कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013

इसके तहत हर संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति होना अनिवार्य है, और ज़िला स्तर पर स्थानीय समिति बनती है — छोटे संस्थानों और असंगठित क्षेत्र की महिलाओं के लिए।

ज़िला मजिस्ट्रेट कार्यालय इसी समिति का अध्यक्ष नियुक्त करता है। आपके ज़िले की समिति की जानकारी ज़िला प्रशासन की वेबसाइट पर मिलती है।

पुलिस के पास जाते समय

  • 112 आपात स्थिति में — पुलिस, एम्बुलेंस, फायर तीनों
  • पंजाब के बड़े शहरों — लुधियाना, जालंधर, अमृतसर — में अलग महिला पुलिस स्टेशन हैं
  • शिकायत दर्ज कराते समय पावती या FIR की प्रति ज़रूर लें
  • थाने में सुनवाई न हो तो शिकायत की सीढ़ी ऊपर तक जाती है — DSP, SSP, और उससे भी आगे

ऑनलाइन उत्पीड़न

सोशल मीडिया पर धमकी, तस्वीरों का दुरुपयोग, ब्लैकमेल — ये भी अपराध हैं और इनके लिए भी रास्ता है।

cybercrime.gov.in पर महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों की शिकायत के लिए अलग विकल्प है, और इसमें पहचान गुप्त रखकर शिकायत का विकल्प भी उपलब्ध है।

वित्तीय ठगी के लिए 1930पूरी प्रक्रिया यहाँ

अंत में

ये सारी सेवाएँ नि:शुल्क हैं। किसी बिचौलिए, एजेंट या “जान-पहचान” की ज़रूरत नहीं है।

181 अभी अपने फोन में सेव कर लीजिए — अपने लिए नहीं तो किसी और के लिए। और घर की महिलाओं को यह नंबर बताइए।

जिस दिन ज़रूरत पड़ती है, उस दिन ढूँढने का वक्त नहीं होता।


स्रोत: सामाजिक सुरक्षा एवं महिला तथा बाल विकास विभाग, पंजाब सरकार (sswcd.punjab.gov.in) — महिला हेल्पलाइन 181 एवं सखी वन स्टॉप सेंटर संबंधी पृष्ठ; मिशन शक्ति, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार (missionshakti.wcd.gov.in); राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल।

सेवाओं की उपलब्धता और संपर्क विवरण बदल सकते हैं। तत्काल सहायता के लिए 181 या 112 पर कॉल करें। यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। कोई जानकारी बदल गई हो तो vartalaapnews@gmail.com पर बताएँ।

निखिल कालिया

निखिल कालिया वार्तालाप के संपादक और प्रकाशक हैं। वे 2016 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और जालंधर से पंजाब की स्थानीय खबरें कवर करते हैं — लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, चंडीगढ़ और पूरा राज्य। खबर, सुझाव या शिकायत के लिए संपर्क करें: vartalaapnews@gmail.com

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