शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026
टैक्स

Income Tax के रिकॉर्ड में आपकी कौन सी कमाई दर्ज है — Form 26AS और AIS से खुद देखिए

आयकर विभाग के पास आपके PAN से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड है — ब्याज, शेयर, संपत्ति, सब। वह आप खुद देख सकते हैं। Form 26AS, AIS और TIS का फर्क, गलत entry ठीक कराने का तरीका, और वह आँकड़ा जिसे देखकर लोग बेवजह घबरा जाते हैं।

Form 26AS और AIS से अपनी कमाई का रिकॉर्ड कैसे देखें — वार्तालाप

ITR भरते समय या नोटिस आने पर पता चलता है कि आयकर विभाग के पास आपकी बहुत सी जानकारी पहले से है — बैंक का ब्याज, शेयर की बिक्री, संपत्ति का लेन-देन।

वह पूरा रिकॉर्ड आप खुद, मुफ्त, कभी भी देख सकते हैं। और भरने से पहले देख लेना ही समझदारी है।

तीन अलग दस्तावेज़ हैं

लोग इन्हें एक समझ लेते हैं, जबकि तीनों का काम अलग है:

दस्तावेज़ क्या दिखाता है
Form 26AS आपके नाम पर जमा हुआ टैक्स — TDS, TCS, एडवांस टैक्स, रिफंड
AIS आपके PAN से जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन — ब्याज, शेयर, संपत्ति, सब
TIS AIS का श्रेणीवार सारांश — इसी से ITR में जानकारी अपने आप भरती है

एक अहम फर्क

TDS का क्रेडिट लेने के लिए Form 26AS ही मान्य है।

अगर AIS और 26AS में TDS की रकम अलग दिख रही हो, तो प्रोसेसिंग के समय 26AS वाला आँकड़ा देखा जाता है। AIS आपकी आमदनी की पूरी तस्वीर दिखाता है, पर टैक्स क्रेडिट वहाँ से तय नहीं होता।

कैसे देखें

Form 26AS

  1. incometax.gov.in पर PAN से लॉगिन कीजिए
  2. e-File → Income Tax Returns → View Form 26AS
  3. यह आपको TRACES पोर्टल पर भेज देगा
  4. साल चुनकर देख या डाउनलोड कर लीजिए

कई बैंकों की नेट बैंकिंग से भी 26AS देखा जा सकता है।

AIS और TIS

  1. उसी पोर्टल पर Services → Annual Information Statement (AIS)
  2. Proceed दबाइए — AIS पोर्टल खुलेगा
  3. वित्तीय वर्ष चुनिए
  4. PDF, JSON या CSV में डाउनलोड कर लीजिए

PDF का पासवर्ड: आपका PAN छोटे अक्षरों में + जन्मतिथि DDMMYYYY में।

यानी PAN abcde1234f और जन्मतिथि 15 अगस्त 1985 है, तो पासवर्ड होगा abcde1234f15081985। यह छोटी सी बात न पता होने से बहुत लोग अटक जाते हैं।

वह आँकड़ा जिसे देखकर लोग घबरा जाते हैं

यह सबसे ज़रूरी हिस्सा है।

AIS में लेन-देन की पूरी रकम दिखती है, मुनाफा नहीं।

उदाहरण: आपने ₹7 लाख के शेयर ₹10 लाख में बेचे। मुनाफा हुआ ₹3 लाख।

AIS में ₹10 लाख दिखेगा — ₹3 लाख नहीं।

यह गलती नहीं है। यह ऐसा ही दिखता है। कैपिटल गेन की गणना अलग होती है और वह आप ITR में करते हैं।

इसके लिए AIS में कोई feedback देने की ज़रूरत नहीं। बहुत से लोग यहाँ घबराकर गलत feedback भेज देते हैं।

संयुक्त संपत्ति में भी यही होता है

पति-पत्नी ने मिलकर ₹90 लाख का फ्लैट खरीदा — तो दोनों के PAN पर ₹90 लाख दिखेगा, ₹45-45 लाख नहीं।

यहाँ feedback देना चाहिए — “information is not fully correct” चुनकर अपना असली हिस्सा (₹45 लाख) दर्ज कीजिए। वरना उच्च-मूल्य लेन-देन की पूछताछ आ सकती है।

गलत entry कैसे ठीक कराएँ

AIS पोर्टल ही एकमात्र जगह है जहाँ गलत entry को चिह्नित किया जा सकता है।

  1. AIS में उस श्रेणी में जाइए जहाँ गलती है — जैसे “Interest from deposit”
  2. उस लेन-देन के आगे Optional बटन दबाइए
  3. विकल्प चुनिए
  4. सही ब्योरा भरकर जमा कीजिए

विकल्प क्या-क्या हैं

  • जानकारी सही है
  • पूरी तरह सही नहीं है — सही रकम भरिए
  • किसी और के PAN या साल की है
  • दोहरी entry है — जैसे बैंक विलय के बाद एक ही ब्याज दो बार दिखना
  • यह लेन-देन मेरा है ही नहीं (denied)

Feedback स्वीकार होने के बाद AIS में Modified Value दिखने लगती है और TIS भी अपडेट हो जाता है — आमतौर पर कुछ दिनों में।

दो बातें जो साफ समझ लीजिए

1. Feedback से आपका टैक्स नहीं बदलता।

Feedback विभाग के रिकॉर्ड को ठीक करता है। आपका टैक्स तो उसी से तय होगा जो आपने ITR में भरा है। Feedback का फायदा यह है कि बाद में पूछताछ नहीं आती।

2. AIS ठीक होने का इंतज़ार करके ITR मत रोकिए।

अपनी असली आमदनी के हिसाब से ITR भर दीजिए, और feedback की पावती संभालकर रखिए। बाद में पूछा जाए तो वही जवाब है। समयसीमा इंतज़ार नहीं करती।

Feedback गलत जानकारी छिपाने के लिए नहीं है

यह साफ कह देते हैं: अगर आमदनी सच में हुई है, तो उसे ITR में दिखाना ही होगा — चाहे AIS में दिखे या न दिखे।

जैसे बचत खाते का ब्याज — AIS में ₹500 का ब्याज भी दिख जाता है, जबकि 26AS में कुछ नहीं दिखेगा क्योंकि उस पर TDS नहीं कटा। पर वह आमदनी है और ITR में जानी चाहिए।

Feedback गलत entry के लिए है, आमदनी छिपाने के लिए नहीं।

अगर कोई entry आपकी है ही नहीं

यह गंभीर मामला है।

अगर AIS में ऐसा लेन-देन दिख रहा है जो आपने किया ही नहीं, तो सिर्फ “denied” का feedback देकर मत छोड़िए। यह आपके PAN के दुरुपयोग का संकेत हो सकता है।

ऐसे में:

  • feedback ज़रूर दीजिए
  • जिस संस्था ने वह जानकारी भेजी है, उससे सीधे पूछिए
  • और अपनी क्रेडिट रिपोर्ट भी जाँच लीजिए — चारों ब्यूरो से, मुफ्त। अगर किसी ने आपके नाम पर कुछ किया है तो वहाँ भी निशान मिलेगा

भरने से पहले यह क्रम रखिए

  1. Form 26AS निकालिए — TDS और एडवांस टैक्स के आँकड़े जाँचिए
  2. AIS और TIS निकालिए
  3. अपने कागज़ों से मिलाइए — Form 16, बैंक का ब्याज प्रमाण पत्र, ब्रोकर का कैपिटल गेन स्टेटमेंट, डिविडेंड स्टेटमेंट
  4. जहाँ फर्क हो वहाँ feedback दीजिए
  5. ITR में pre-fill को आँख मूँदकर मत मानिए — अपने रिकॉर्ड से मिलाइए

भरने से ठीक पहले 26AS और AIS दोबारा देख लीजिए — देर से रिपोर्ट हुई entries आखिरी दिनों में जुड़ती रहती हैं।

आगे एक बदलाव आ रहा है

नए आयकर कानून के तहत आगे चलकर यह वार्षिक विवरण Form 168 के रूप में जारी होगा।

रिपोर्टों के अनुसार यह 1 अप्रैल 2026 के बाद की आमदनी पर लागू होगा। यानी अभी भरे जा रहे रिटर्न के लिए Form 26AS और AIS ही चलेंगे — अभी कुछ बदलने की ज़रूरत नहीं।

पोर्टल पर लेबल देखकर सही विकल्प चुन लीजिए।

एक चेतावनी

  • 26AS और AIS देखना पूरी तरह मुफ्त है — किसी को पैसे देने की ज़रूरत नहीं
  • लॉगिन सिर्फ incometax.gov.in पर कीजिए — मिलते-जुलते नाम वाली साइटों पर नहीं
  • किसी को अपना PAN पासवर्ड या OTP मत दीजिए
  • “रिफंड निकलवा देंगे” कहकर पैसे माँगने वाला हर व्यक्ति ठग है — रिफंड अपने आप खाते में आता है
  • ठगी हो जाए तो 1930पहला घंटा सबसे कीमती है

और रिफंड उसी खाते में आता है जो आपके PAN से जुड़ा और validate किया गया हो — खाता निष्क्रिय हो तो रिफंड लौट जाता है।


स्रोत: आयकर विभाग का ई-फाइलिंग पोर्टल (incometax.gov.in) एवं AIS संबंधी आधिकारिक FAQ; TRACES पोर्टल; Form 26AS, AIS एवं TIS की प्रक्रिया पर कर विशेषज्ञों द्वारा प्रकाशित मार्गदर्शन; आयकर अधिनियम 2025 के तहत Form 168 संबंधी रिपोर्टिंग।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, कर सलाह नहीं। हर व्यक्ति की स्थिति अलग होती है और नियम बदलते रहते हैं। ITR भरने से पहले किसी योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट या कर सलाहकार से परामर्श करें, और आधिकारिक जानकारी incometax.gov.in से देखें। कोई त्रुटि दिखे तो vartalaapnews@gmail.com पर बताएँ।

निखिल कालिया

निखिल कालिया वार्तालाप के संपादक और प्रकाशक हैं। वे 2016 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और जालंधर से पंजाब की स्थानीय खबरें कवर करते हैं — लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, चंडीगढ़ और पूरा राज्य। खबर, सुझाव या शिकायत के लिए संपर्क करें: vartalaapnews@gmail.com

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